इंदौर~ काले हिरण के शिकारियों को सजा से बचाने के लिए उनसे सांठ-गांठ के संगीन आरोप में वन विभाग के रेंजर को मध्यप्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने यहां धर दबोचा है। विभाग की वन्य प्रणाली शाखा के मुख्यालय ने इस अधिकारी पर ₹10000 का इनाम घोषित किया था । (एसटीएफ) के उपाधीक्षक (डीएसपी) डीके सिंह ने बुधवार को बताया कि वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) बिहार सिंह सिकरवार को यहां गणेश धाम कॉलोनी स्थित उनके घर से बुधवार को शाम गिरफ्तार कर किया गया।
डीएसपी ने बताया कि सिकरवार वन विभाग की सागर रेंज में पदस्थ है । इसी रेंज के तहत आने वाले बकैनी गांव में अप्रैल के दौरान काले हिरण का शिकार किया गया था नजर पर शिकारियों को बचाने के लिए वारदात पर सबूत छिपाने और जांच में हेर-फेर आरोप है। उन पर वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के संबंध धाराओं के तहत मामला दर्ज है ने बताया काले हिरण के शिकार के मामले में मौके पर सात लोग मिले थे। लेकिन रेंजर और वन विभाग के अन्य कारिंदों शिकारियों से कथित तौर पर गांव 4 लोगों को छोड़ दिया और दस्तावेज केवल तीन लोगों को शिकार के आरोपों के रूप में दर्शाया।
सिंह ने बताया कि काले हिरण के शिकार में कथित तौर पर 12 बोर की राइफल का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन वन विभाग के दल ने इस हथियार की जगह मौके से देशी कट्टा बरामद होना दिखाया, ताकि बैलेरिटक जाँच में आरोपियों को क्लीन चिट मिल जाये।
डीएसपी ने बताया कि सिकरवार वन विभाग की सागर रेंज में पदस्थ है । इसी रेंज के तहत आने वाले बकैनी गांव में अप्रैल के दौरान काले हिरण का शिकार किया गया था नजर पर शिकारियों को बचाने के लिए वारदात पर सबूत छिपाने और जांच में हेर-फेर आरोप है। उन पर वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के संबंध धाराओं के तहत मामला दर्ज है ने बताया काले हिरण के शिकार के मामले में मौके पर सात लोग मिले थे। लेकिन रेंजर और वन विभाग के अन्य कारिंदों शिकारियों से कथित तौर पर गांव 4 लोगों को छोड़ दिया और दस्तावेज केवल तीन लोगों को शिकार के आरोपों के रूप में दर्शाया।
सिंह ने बताया कि काले हिरण के शिकार में कथित तौर पर 12 बोर की राइफल का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन वन विभाग के दल ने इस हथियार की जगह मौके से देशी कट्टा बरामद होना दिखाया, ताकि बैलेरिटक जाँच में आरोपियों को क्लीन चिट मिल जाये।

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