बेंगलुरु:- सार्वजनिक क्षेत्र की विमान निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड एच ए एल के सामने अब रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। वर्ष 1990 के बाद पहली बार कंपनी इतनी गंभीर संकट में घिर गई है।आर्डर कम होने के कारण हालात यह हो गया है कि विमान डिवीजन के लगभग 25 फीसदी कर्मचारी बेरोजगार बैठे हैं।
कंपनी के पास फिलहाल मौजूद 61 जगुआर व 51 मिराज 2000 विमानों के उत्यन का काम पूरा होने को है । विमान बनने के सिर्फ दो आर्डर रह गए है । बेंगलुरु में सबसे पहले बेच 20 बनाए जा रहे हैं । वही नासिक की मीग डिवीजन में सुखोई 30 एमकेआई को आर्डर पूरा किया जा रहा है। तेजस का आर्डर दिसंबर 2019 तक पूरा हो जाएगा । इसके बाद कंपनी के पास कोई नया आर्डर नहीं है। लिहाजा कर्मचारियों की बेरोजगारी जैसे हालात हो गई है।
कर्मचारियों का कहना है कि अब उन्हें एलसीए डिवीजन में स्थानांतरित किया जा सकता है । जहां पहले से ही 2 हजार कर्मचारी कार्यरत है। बेंगलुरु में अलावा नाशिक लखनऊ कानपुर कोरवा बैरकपुर हैदराबाद और कासरगोड मे HAL के केंद्र है और उनके कुल 29000 कर्मचारियों में से लगभग 10000 कर्मचारी बेंगलुरु और नासिक में तैनात है।
कंपनी के पास फिलहाल मौजूद 61 जगुआर व 51 मिराज 2000 विमानों के उत्यन का काम पूरा होने को है । विमान बनने के सिर्फ दो आर्डर रह गए है । बेंगलुरु में सबसे पहले बेच 20 बनाए जा रहे हैं । वही नासिक की मीग डिवीजन में सुखोई 30 एमकेआई को आर्डर पूरा किया जा रहा है। तेजस का आर्डर दिसंबर 2019 तक पूरा हो जाएगा । इसके बाद कंपनी के पास कोई नया आर्डर नहीं है। लिहाजा कर्मचारियों की बेरोजगारी जैसे हालात हो गई है।
कर्मचारियों का कहना है कि अब उन्हें एलसीए डिवीजन में स्थानांतरित किया जा सकता है । जहां पहले से ही 2 हजार कर्मचारी कार्यरत है। बेंगलुरु में अलावा नाशिक लखनऊ कानपुर कोरवा बैरकपुर हैदराबाद और कासरगोड मे HAL के केंद्र है और उनके कुल 29000 कर्मचारियों में से लगभग 10000 कर्मचारी बेंगलुरु और नासिक में तैनात है।

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