गुजरात विधानसभा चुनाव की तर्ज पर विधानसभा चुनाव में भी पीएम नरेंद्र मोदी व कांग्रेस सुप्रीमो राहुल गांधी में प्रचार की दृष्टि से सीधा टकराव दिखाई दे रहा है हालांकि राहुल कि कहीं- कहीं अभद्र कटाक्ष की शैली कांग्रेस को महंगी पड़ रही है इस बीच बसपा की नेत्री मायावती का हाथी भी चिंघाड़ रहा है। बसपा के उम्मीदवार किस दल के लिए वोट कटाऊ साबित होंगे अथवा जीत हार के समीकरण में हाजिरी भी दर्ज कराएंगे ये कहना है जल्दबाजी होगी किंतु इनके दखल से दंगल रोचक होता नजर आ रहा है।

चर्चा ए आम है कि  आगामी चुनावी दंगल की बिछ रही बिसात में भाजपा और विपक्ष के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोपों के बाण किसे घायल करेंगे ।अभी कुछ कहना कठिन होगा किंतु कांग्रेस के सुप्रीमो राहुल गांधी द्वारा अब अपशब्दों का किया जा रहा है प्रयोग विपक्ष का महंगा पड़ सकता है। राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं कि कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री के चेहरे का रूप  में पेश किये जा रहे  राहुल गांधी का आक्रमक रुख तो जायज किंत कहांबिना सबूतों के ही मोदी को चारों महा चोर बताना असम असम का प्रतीक माना जाएगा राहुल गांधी के गुरु दिग्विजय सिंह तो हाशिए पर हास्य पर है जैविक जैविक राहुल की मां सोनिया गांधी का फर्ज बनता है कि वह पुत्र को अंग्रल व नकारात्मक प्रचार से राहुल गांधी की समझ में आनी चाहिए कि नरेंद्र मोदी विश्व के सबसे तंत्र वंश परंपरा के कारण नहीं पहुंचे मोदी एक निर्धन परिवार से जानता है मंत्र मंत्र से पीएम के सिंहासन तक पहुंचे हैं राजनीतिक हलके में एक बार फिर राहुल गांधी की वजह से गड़े मुर्दे करने