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गर आप अपने भविष्य को लेकर असमंजस रहते हैं तो आप अकेले नहीं हैं । दुनिया की कई हस्तियां सेल्फ डाउट के दौर से गुजरी हैं । इनमें फेसबुक सीईओ मार्क जकरबर्ग , बिल एंड मेलिंडा गेट्स की कोफाउंडर मेलिंडा गेट्स और साइकोलॉजिस्ट एडम ग्रांट समेत कई मशहूर लोग शामिल हैं । एक लिंक्डइन पोस्ट में मेलिंडा गेट्स ने लिखा है , जब आपके भीतर यह विचार चल रहा हो कि आप स्मार्ट नहीं हैं या फिर आपकी सफलता स्किल के बजाय किस्मत पर निर्भर है तो इसका अर्थ है कि आप इम्पोस्टर सिन्ड्रोम से पीड़ित हैं ।
इम्पोस्टर सिंड्रोम का अर्थ है कि पर्याप्त उपलब्धियों के बावजूद आप खुद से संतुष्ट नहीं होते , बल्कि स्वयं पर संदेह करते हैं । वैसे आत्म संदेह का सामना हरेक व्यक्ति को करना पड़ता है , लेकिन कई बार हम इस पर इतना भरोसा कर लेते हैं कि हमें हर उपलब्धि छोटी दिखती है जबकि मनोवैज्ञानिकों की राय में इसे एक सक्सेज टूल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है । दुनिया भर में कई सफल लोगों के उदाहरण हैं जिन्होंने सेल्फ डाउट को हराकर न केवल कामयाबी पाई है , बल्कि उस दौरान बेस्ट प्रदर्शन भी किया है ।
कहां से आता है सेल्फ डाउट
मेलिंडा के मुताबिक सेल्फ डाउट उनमें प्रमुख होता है जिन्हें अपने फील्ड में प्रतिनिधित्व नहीं मिला होता है । उदाहरण के तौर पर अगर आप किसी मीटिंग हॉल में पुरुषों के बीच अकेली महिला हों तो आपको लगेगा कि कहीं आप गलत जगह पर तो नहीं । या फिर स्कूल के दिनों में कभी आपके टीचर को आश्चर्य हुआ होगा कि आप लड़की होकर मैथ्स में अच्छी कैसे हैं । गेट्स स्पष्ट करती हैं कि शंका से जुड़ी ऐसी भावनाओं को सच मानना आसान होता है , जबकि यह समझना कि ऐसी भावनाएं सामाजिक धारणाओं पर आधारित हैं आपको उनसे मुक्त कर सकता है ।
वे जानते हैं कौनसा ख्याल कितना महत्वपूर्ण है ।
कामयाब लीडर्स दिमाग में बार - बार आने वाले इन थॉट पैटर्स को समझते | हैं । अनुमान है कि हर दिन हमारे दिमाग में 60 से 70 , 000 ख्याल आते हैं जिनमें से 98 प्रतिशत एक जैसे होते हैं । इसका अर्थ है कि यह विचारों की एक प्रक्रिया है जिस पर नियंत्रण किया जा सकता है । सफल लीडर्स ऐसे ख्यालों को पहचानते हैं और उनसे दूरी बनाते हैं ।
वे जिज्ञासु होते हैं और सवाल पूछते हैं ।
वे शंका से उठने वाले सवालों का सामना सकारात्मक ढंग से करते हैं । उदाहरण के तौर पर अगर उनके भीतर की आवाज कह रही है कि वे नए कॅरिअर के लिए तैयार नहीं हैं तो वे इस चेतावनी का इस्तेमाल सेल्फ एनालिसिस के लिए करते हैं अपनी कमियों को सुधारने के लिए वे इसका उपयोग करते हैं।
वे लक्ष्य के रास्ते में डर को नहीं आने देते
अपने भीतर की आवाज को सुनने का अर्थ है कि आप कुछ साहसी और जोखिमपूर्ण करने जा रहे हैं और सफल लोग अपनी अच्छी , बुरी संवेदनाओं को समझते हैं और इसे वैल्यूएबल टूल के रूप में इस्तेमाल करते हैं ।
इम्पोस्टर सिंड्रोम का अर्थ है कि पर्याप्त उपलब्धियों के बावजूद आप खुद से संतुष्ट नहीं होते , बल्कि स्वयं पर संदेह करते हैं । वैसे आत्म संदेह का सामना हरेक व्यक्ति को करना पड़ता है , लेकिन कई बार हम इस पर इतना भरोसा कर लेते हैं कि हमें हर उपलब्धि छोटी दिखती है जबकि मनोवैज्ञानिकों की राय में इसे एक सक्सेज टूल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है । दुनिया भर में कई सफल लोगों के उदाहरण हैं जिन्होंने सेल्फ डाउट को हराकर न केवल कामयाबी पाई है , बल्कि उस दौरान बेस्ट प्रदर्शन भी किया है ।
कहां से आता है सेल्फ डाउट
मेलिंडा के मुताबिक सेल्फ डाउट उनमें प्रमुख होता है जिन्हें अपने फील्ड में प्रतिनिधित्व नहीं मिला होता है । उदाहरण के तौर पर अगर आप किसी मीटिंग हॉल में पुरुषों के बीच अकेली महिला हों तो आपको लगेगा कि कहीं आप गलत जगह पर तो नहीं । या फिर स्कूल के दिनों में कभी आपके टीचर को आश्चर्य हुआ होगा कि आप लड़की होकर मैथ्स में अच्छी कैसे हैं । गेट्स स्पष्ट करती हैं कि शंका से जुड़ी ऐसी भावनाओं को सच मानना आसान होता है , जबकि यह समझना कि ऐसी भावनाएं सामाजिक धारणाओं पर आधारित हैं आपको उनसे मुक्त कर सकता है ।
वे जानते हैं कौनसा ख्याल कितना महत्वपूर्ण है ।
कामयाब लीडर्स दिमाग में बार - बार आने वाले इन थॉट पैटर्स को समझते | हैं । अनुमान है कि हर दिन हमारे दिमाग में 60 से 70 , 000 ख्याल आते हैं जिनमें से 98 प्रतिशत एक जैसे होते हैं । इसका अर्थ है कि यह विचारों की एक प्रक्रिया है जिस पर नियंत्रण किया जा सकता है । सफल लीडर्स ऐसे ख्यालों को पहचानते हैं और उनसे दूरी बनाते हैं ।
वे जिज्ञासु होते हैं और सवाल पूछते हैं ।
वे शंका से उठने वाले सवालों का सामना सकारात्मक ढंग से करते हैं । उदाहरण के तौर पर अगर उनके भीतर की आवाज कह रही है कि वे नए कॅरिअर के लिए तैयार नहीं हैं तो वे इस चेतावनी का इस्तेमाल सेल्फ एनालिसिस के लिए करते हैं अपनी कमियों को सुधारने के लिए वे इसका उपयोग करते हैं।
वे लक्ष्य के रास्ते में डर को नहीं आने देते
अपने भीतर की आवाज को सुनने का अर्थ है कि आप कुछ साहसी और जोखिमपूर्ण करने जा रहे हैं और सफल लोग अपनी अच्छी , बुरी संवेदनाओं को समझते हैं और इसे वैल्यूएबल टूल के रूप में इस्तेमाल करते हैं ।

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