कम्प्यूटर व मोबाइल के बढ़ते बाजार ने इस क्षेत्र को धीमे - धीमे ही सही , लेकिन अपनी जगह बनाने का मौका दिया है ।
ए के दौर था जब कम्प्युटर हार्डवेयर व नेटवर्किंग को नौकरी के अवसरों के लिहाज से एक समृद्ध क्षेत्र नहीं माना जाता | था । लेकिन पिछले सालों में । आईटी सेक्टर की ग्रोथ खासतौर पर हार्डवेयर इंडस्ट्री की मजबूती ने इस धारणा को बदला है । अनुमान है कि 2020 तक इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स व सिस्टम्स की मांग 400 बिलियन यूएस डॉलर होगी । इतना ही नहीं नैसकॉम के मुताबिक आने वाले सालों में यहां जॉब्स की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी होगी । यही वजह है । कि हार्डवेयर व नेटवर्किंग फील्ड अब कॅरिअर के मजबूत विकल्प के रूप में सामने आया है और धीमे - धीमे ही सही लेकिन इस क्षेत्र ने अपनी जगह बना ली । इसके साथ ही कम्प्यूटर , मोबाइल इंटरनेट के तेजी से बढ़ते बाजार ने छोटे , बड़े शहरों में नौकरी के मौके पैदा किए हैं । यही वजह है कि अब बड़ी संख्या में स्टूडेंटस हार्डवेयर व नेटवर्किंग कोर्सेज चुन रहे हैं । और यहां भविष्य की राह भी देख रहे हैं ।
" मजबूत हो टेक्निकल नॉलेज
इस क्षेत्र के उम्मीदवारों को हार्डवेयर कम्पोनेंट्स जैसे चिप , कम्प्यूटर सिस्टम्स , मदरबोर्ड , प्रोसेसर , रैम , सर्किट बोर्स , मोडम एक्सटरनल हार्ड डिस्क , प्रिंटर व की बोर्ड तैयार करने व उनसे जुड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए काम करना पड़ता है । हार्डवेयर प्रोफेशनल्स को सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन के साथ कम्प्यूटर्स की देखरेख करनी होती है इसलिए इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए जरूरी है कि आपका रुझान टेक्निकल व एनालिटिकल हो । तभी आप यहां अपनी जगह बना पाएंगे ।
ऐसे करें शुरुआत
अच्छी बात यह है कि इस क्षेत्र में 10वीं के बाद होने वाले कोर्सेज से लेकर इंजीनियरिंग डिग्री तक कई विकल्प हैं , जो जॉब की राह खोलते हैं । इसके अलावा इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन , डिप्लोमा व डिग्री लेवल कोर्स यहां उपलब्ध हैं । इनकी अवधि और स्तर अलग - अलग होता है । | ये आपको इस डोमेन की प्रैक्टिकल नॉलेज उपलब्ध करवाते हैं । सर्टिफिकेशन कोर्सेज में लिनेक्स व सिस्को सर्टिफिकेशन काफी प्रचलित हैं । माइक्रोसॉफ्ट सर्टिफिकेशंस भी उपलब्ध हैं जिनसे आप अपनी शुरुआत कर सकते हैं ।
नौकरी के लिए यहां ढेरों हैं मौके
एक उपयुक्त कोर्स करने के बाद आप इस क्षेत्र में सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर , नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर , सिस्टम इंजीनियर , टेक्निकल इंजीनियर / कम्प्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर , नेटवर्क इंजीनियर , टेक्निकल सपोर्ट , हेल्प डेस्क टेक्निशियन / नेटवर्क सपोर्ट टेक्निशियन , आईटी टेक्निशियन , आईटी एडमिनिस्ट्रेटर , फील्ड सर्विस टेक्निशियन , सिक्योरिटी डेटाबेस डेवलपमेंट एक्सपर्ट व इंटरनेट स्पेशलिस्ट के रूप में नौकरी हासिल कर सकते हैं , लेकिन यहां काम करने के लिए आपके पास न केवल एक मजबूत डिग्री होनी चाहिए , बल्कि इस काम से जुड़ी जरूरी स्किल्स भी यहां आपकी सफलता सुनिश्चित करेंगी ।
सैलरी पैकेज
एक अच्छे इंस्टीट्यूट की डिग्री के साथ आप यहां 30 से 60 , 000 रुपए प्रतिमाह कमा सकते हैं । यह आपकी क्वालिफिकेशन व अनुभव पर निर्भर करेगा । नौकरी के लिए इस क्षेत्र में अच्छी संभावनाएं हैं । हालांकि सही कोर्स का चुनाव यहां बेहद अहमियत रखता है । इसके अलावा प्रैक्टिकल नॉलेज व स्किल्स को भी महत्व मिलेगा ।
हार्डवेयर इंजीनियर
ये प्रोफेशनल्स हार्डवेयर के इंस्टॉलेशन के साथ रिसर्च , डिजाइन डेवलपमेंट व टेस्टिंग का काम करते हैं । इसके लिए कम्प्यूटर चिप , सर्किट बोर्ड , मोडम्स , कीबोर्स व प्रिंटर्स की नॉलेज जरूरी है ।
सिस्टम एनालिस्ट
सिस्टम एनालिस्ट संबंधित मौजूदा समस्याओं के लिए रिसर्च व उनके समाधान की प्लानिंग तैयार कर सकते हैं । वे सॉफ्टवेयर और सिस्टम से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी काम कर सकते हैं ।
ए के दौर था जब कम्प्युटर हार्डवेयर व नेटवर्किंग को नौकरी के अवसरों के लिहाज से एक समृद्ध क्षेत्र नहीं माना जाता | था । लेकिन पिछले सालों में । आईटी सेक्टर की ग्रोथ खासतौर पर हार्डवेयर इंडस्ट्री की मजबूती ने इस धारणा को बदला है । अनुमान है कि 2020 तक इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स व सिस्टम्स की मांग 400 बिलियन यूएस डॉलर होगी । इतना ही नहीं नैसकॉम के मुताबिक आने वाले सालों में यहां जॉब्स की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी होगी । यही वजह है । कि हार्डवेयर व नेटवर्किंग फील्ड अब कॅरिअर के मजबूत विकल्प के रूप में सामने आया है और धीमे - धीमे ही सही लेकिन इस क्षेत्र ने अपनी जगह बना ली । इसके साथ ही कम्प्यूटर , मोबाइल इंटरनेट के तेजी से बढ़ते बाजार ने छोटे , बड़े शहरों में नौकरी के मौके पैदा किए हैं । यही वजह है कि अब बड़ी संख्या में स्टूडेंटस हार्डवेयर व नेटवर्किंग कोर्सेज चुन रहे हैं । और यहां भविष्य की राह भी देख रहे हैं ।
" मजबूत हो टेक्निकल नॉलेज
इस क्षेत्र के उम्मीदवारों को हार्डवेयर कम्पोनेंट्स जैसे चिप , कम्प्यूटर सिस्टम्स , मदरबोर्ड , प्रोसेसर , रैम , सर्किट बोर्स , मोडम एक्सटरनल हार्ड डिस्क , प्रिंटर व की बोर्ड तैयार करने व उनसे जुड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए काम करना पड़ता है । हार्डवेयर प्रोफेशनल्स को सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन के साथ कम्प्यूटर्स की देखरेख करनी होती है इसलिए इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए जरूरी है कि आपका रुझान टेक्निकल व एनालिटिकल हो । तभी आप यहां अपनी जगह बना पाएंगे ।
ऐसे करें शुरुआत
अच्छी बात यह है कि इस क्षेत्र में 10वीं के बाद होने वाले कोर्सेज से लेकर इंजीनियरिंग डिग्री तक कई विकल्प हैं , जो जॉब की राह खोलते हैं । इसके अलावा इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन , डिप्लोमा व डिग्री लेवल कोर्स यहां उपलब्ध हैं । इनकी अवधि और स्तर अलग - अलग होता है । | ये आपको इस डोमेन की प्रैक्टिकल नॉलेज उपलब्ध करवाते हैं । सर्टिफिकेशन कोर्सेज में लिनेक्स व सिस्को सर्टिफिकेशन काफी प्रचलित हैं । माइक्रोसॉफ्ट सर्टिफिकेशंस भी उपलब्ध हैं जिनसे आप अपनी शुरुआत कर सकते हैं ।
नौकरी के लिए यहां ढेरों हैं मौके
एक उपयुक्त कोर्स करने के बाद आप इस क्षेत्र में सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर , नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर , सिस्टम इंजीनियर , टेक्निकल इंजीनियर / कम्प्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर , नेटवर्क इंजीनियर , टेक्निकल सपोर्ट , हेल्प डेस्क टेक्निशियन / नेटवर्क सपोर्ट टेक्निशियन , आईटी टेक्निशियन , आईटी एडमिनिस्ट्रेटर , फील्ड सर्विस टेक्निशियन , सिक्योरिटी डेटाबेस डेवलपमेंट एक्सपर्ट व इंटरनेट स्पेशलिस्ट के रूप में नौकरी हासिल कर सकते हैं , लेकिन यहां काम करने के लिए आपके पास न केवल एक मजबूत डिग्री होनी चाहिए , बल्कि इस काम से जुड़ी जरूरी स्किल्स भी यहां आपकी सफलता सुनिश्चित करेंगी ।
सैलरी पैकेज
एक अच्छे इंस्टीट्यूट की डिग्री के साथ आप यहां 30 से 60 , 000 रुपए प्रतिमाह कमा सकते हैं । यह आपकी क्वालिफिकेशन व अनुभव पर निर्भर करेगा । नौकरी के लिए इस क्षेत्र में अच्छी संभावनाएं हैं । हालांकि सही कोर्स का चुनाव यहां बेहद अहमियत रखता है । इसके अलावा प्रैक्टिकल नॉलेज व स्किल्स को भी महत्व मिलेगा ।
हार्डवेयर इंजीनियर
ये प्रोफेशनल्स हार्डवेयर के इंस्टॉलेशन के साथ रिसर्च , डिजाइन डेवलपमेंट व टेस्टिंग का काम करते हैं । इसके लिए कम्प्यूटर चिप , सर्किट बोर्ड , मोडम्स , कीबोर्स व प्रिंटर्स की नॉलेज जरूरी है ।
सिस्टम एनालिस्ट
सिस्टम एनालिस्ट संबंधित मौजूदा समस्याओं के लिए रिसर्च व उनके समाधान की प्लानिंग तैयार कर सकते हैं । वे सॉफ्टवेयर और सिस्टम से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी काम कर सकते हैं ।

0 Comments